अद्य रचितम् मया
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एकोऽहं बहुस्यामि अहङ्काराणि पृथक् पृथक् ।
एकस्मिन् पृथक्भूत्वा तथापि न पृथक् पृथक् ।।
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Rational, Irrational, Inherent and Acquired. पिछले दिनों में blogger में अपने सभी खास खास ब्लॉगपोस्ट में विदा कह चुका हूँ, लेकिन लगता है इ...
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